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अहं ब्रह्मास्मि: आत्मा और ब्रह्म का अद्वैत दर्शन

“अहं ब्रह्मास्मि” (I am Brahman) उपनिषदों का एक प्रसिद्ध और गहन वेदांत वाक्य है, जिसे महावाक्य कहा जाता है। यह वाक्य बृहदारण्यक उपनिषद से लिया गया है और अद्वैत वेदांत के मूल सिद्धांतों को स्पष्ट करता है। इसका अर्थ है…

महर्षि पाणिनि: भाषा विज्ञान के जनक

महर्षि पाणिनि: भाषा विज्ञान के जनक

भारत की पवित्र भूमि हमेशा से ही ज्ञान, विज्ञान, और अद्भुत मनीषियों की जन्मस्थली रही है। ऐसी ही एक महान विभूति थे महर्षि पाणिनि, जिनका योगदान न केवल भारतीय संस्कृति में, बल्कि पूरे विश्व के भाषा विज्ञान में अमूल्य है।…