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पूजा-पाठ में हस्त-स्वर करें या नहीं?

पूजा-पाठ में हस्त-स्वर करें या नहीं?

वैदिक कर्मकाण्ड में पूजा-पाठ के दौरान हस्त-स्वर के प्रयोग को लेकर शास्त्रों में बहुत ही स्पष्ट और तकनीकी निर्देश दिए गए हैं। इसका उत्तर इस बात पर निर्भर करता है कि आप मन्त्रों का प्रयोग किस उद्देश्य (स्वाध्याय या अनुष्ठान)…

अहं ब्रह्मास्मि: आत्मा और ब्रह्म का अद्वैत दर्शन

“अहं ब्रह्मास्मि” (I am Brahman) उपनिषदों का एक प्रसिद्ध और गहन वेदांत वाक्य है, जिसे महावाक्य कहा जाता है। यह वाक्य बृहदारण्यक उपनिषद से लिया गया है और अद्वैत वेदांत के मूल सिद्धांतों को स्पष्ट करता है। इसका अर्थ है…

महर्षि पाणिनि: भाषा विज्ञान के जनक

महर्षि पाणिनि: भाषा विज्ञान के जनक

भारत की पवित्र भूमि हमेशा से ही ज्ञान, विज्ञान, और अद्भुत मनीषियों की जन्मस्थली रही है। ऐसी ही एक महान विभूति थे महर्षि पाणिनि, जिनका योगदान न केवल भारतीय संस्कृति में, बल्कि पूरे विश्व के भाषा विज्ञान में अमूल्य है।…